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जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर क्या होता है? (GSTIN or GST Number)


जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर

जीएसटीआईएन या गुड्स एंड सर्विस टैक्स आईडेंटिफिकेशन नंबर या सरल भाषा में सिर्फ जीएसटी नंबर एक महत्वपूर्ण आईडेंटिफायर  है किसी भी व्यवसाय के लिए.

किसी भी व्यक्ति के एक से अधिक जीएसटीआईएन नंबर हो सकते हैं .

जीएसटी नंबर 15 अंकों की संख्या है जो किसी व्यवसाय के जीएसटी रजिस्ट्रेशन पर मिलती है. जी एस टी आई एन में पहले 2 अंक स्टेट कोड जाने राज्य का कोड होता है इसके बाद के 10 अंक  व्यवसाय या व्यक्ति का  पेन नंबर (PAN Number) होता है.   तेहरवां अंक राज्यों के रजिस्ट्रेशन की संख्या के आधार पर आवंटित होता है. 14 अंक डिफ़ॉल्ट रूप से Z होता है और आखिर में 15 अंक चेक कोड होता है अगर इस क्रम में कुछ गलत है तो यह समझा जाना चाहिए कि जीएसटी बिल गलत है. 

जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर

पिछली अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के विपरीत, जहां उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट जैसे विभिन्न कानूनों के लिए कई पंजीकरण संख्याएं मौजूद थीं, यह जीएसटी-जीएसटीआईएन के तहत एक ही रजिस्ट्रेशन संख्या है.

जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर का क्या महत्व है?

जीएसटी के अंतर्गत, किसी के जीएसटी नंबर को जानना भारत किसी भी व्यवसाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है – क्योंकि व्यवसाय के सप्लायर को जीएसटीआईएन को सही ढंग से जीएसटी इनवॉइस क्रमांक के रूप में उद्धृत करने की आवश्यकता है, जो सप्लाई किए गए सभी इनवॉइस में होती है, जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट का सही आवंटन होगा. इसी तरह, व्यवसायों को भी अपने ग्राहकों से जीएसटी नंबर प्राप्त करना चाहिए, और उन्हें  इनवॉइस जारी करने में शामिल करना चाहिए, क्योंकि ग्राहकों का इनपुट टैक्स क्रेडिट इस पर निर्भर होगा. संक्षेप में, सभी व्यवसायों को भारत में जीएसटी नंबर के लिए आवेदन करना चाहिए, क्योंकि जीएसटीआईएन किसी भी व्यवसाय के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है. इससे व्यवसायों को न केवल सही इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि बाजार में अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. व्यवसायियों को जीएसटी नंबर कैसे प्राप्त करें और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत में जीएसटी नंबर के लिए आवेदन कैसे करें, इस बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए.

जीएसटी नंबर प्रारूप
जैसा कि ऊपर चर्चा की गई है, GSTIN एक 15 अंकों की पहचान संख्या है। प्रत्येक अंक का विवरण निम्नलिखित है, जो GSTIN प्रारूप का गठन करता है:

पहले 2 अंक: यह भारतीय जनगणना 2011 के अनुसार राज्य कोड है, जैसा कि नीचे दिया गया है:

स्टेट कोड लिस्टस्टेटस्टेट कोड लिस्टस्टेट
01जम्मू और कश्मीर19पश्चिम बंगाल
02हिमाचल प्रदेश20झारखण्ड
03पंजाब21उड़ीसा
04चंडीगढ़22छत्तीसगढ़
05उत्तराखंड23मध्य प्रदेश
06हरियाणा24गुजरात
07दिल्ली25दमन और दीव
08राजस्थान26दादरा और नगर हवेली
09उत्तरप्रदेश27महाराष्ट्र
10बिहार28आंध्रप्रदेश (पुराना)
11सिक्किम29कर्नाटक
12अरुणाचल प्रदेश30गोआ
13नागालैंड31लक्षद्वीप
14मणिपुर32केरल
15मिज़ोरम33तमिलनाडु
16त्रिपुरा34पुदुच्चेरी
17मेघालय35अंडमान और निकोबार
18असम36तेलंगाना
37आंध्रप्रदेश (नया)

अगले 10 अंक: यह व्यावसायिक इकाई का पैन है.

13वाँ अंक: यह एक ही पैन के तहत राज्य में व्यवसायिक कार्यक्षेत्र के लिए व्यवसाय इकाई के पंजीकरण की क्रम संख्या को दर्शाता है. यह राज्य में 9 व्यावसायिक वर्टिकल पंजीकरण वाले व्यवसायों के लिए 1-9 से; A-Z 9 से अधिक पंजीकरण के लिए हो सकता है.

उदाहरण के लिए, जब किसी व्यावसायिक इकाई को राज्य में अपने तीसरे बिजनेस वर्टिकल के लिए GST नंबर मिलता है; यह अंक 3 होगा, जबकि जब एक व्यावसायिक इकाई को राज्य में अपने 13वें बिजनेस वर्टिकल के लिए जीएसटी पंजीकरण संख्या मिलती है तब यह अंक D होगा.

14वां अंक: यह डिफ़ॉल्ट रूप से ‘Z’ होगा।

15वां अंक: यह अंक एक ‘चेकसम’ को दर्शाता है.

जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर के लिए आवेदन कैसे करें?

भारत में जीएसटी पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के लिए, किसी भी व्यवसाय को या तो पिछली अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के तहत पंजीकरण को जीएसटी में स्थानांतरित करना होगा, या नए पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा. जबकि प्रक्रिया ऑनलाइन है फिर भी यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि अपेक्षित फॉर्म यानी GST REG-01 सही जानकारी से भरा है, और इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए व्यवसाय के मालिक के पास सही दस्तावेज हैं.

जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर प्राप्त करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

gst.gov.in पर लॉग इन करें
GST REG-01 फॉर्म के भाग के रूप में, निम्नलिखित पृष्ठ भरें:

  • व्यापार विवरण
  • प्रमोटर / पार्टनर्स
  • अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता
  • अधिकृत प्रतिनिधि
  • व्यापार का मुख्य केंद्र
  • व्यवसाय के अतिरिक्त स्थान
  • वस्तुओं और सेवाओं
  • बैंक खाते
  • राज्य विशिष्ट सूचना
  • सत्यापन

एक बार जब आप अपना GST REG-01 फॉर्म जमा कर देते हैं, तो आपको एक ई-मेल और एसएमएस प्राप्त होगा, जो आपको सूचित करेगा कि आपका नया पंजीकरण आवेदन जमा कर दिया गया है. इस अधिसूचना में 15 अंकों की आवेदन संदर्भ संख्या (एआरएन) होगी.

एक बार आवेदन पत्र जमा करने के बाद, यह जीएसटी पोर्टल में अनिवार्य सत्यापन के अधीन होता है, इसे स्वीकृत या अस्वीकार किया जा सकता है. साथ ही, कुछ मामलों में, कुछ ऐसे क्षेत्र भी हो सकते हैं जिनके लिए आपकी ओर से कुछ और स्पष्टीकरण या अतिरिक्त दस्तावेज़ों की आवश्यकता की मांग हो सकती है.

एक बार जब आपका नया पंजीकरण आवेदन जीएसटी पोर्टल में सत्यापित और स्वीकृत हो जाता है, तो आपको एक अस्थायी पासवर्ड के साथ 15 अंकों का जीएसटीआईएन (वस्तु और सेवा कर पहचान संख्या) प्राप्त होगा. आप यूज़र आईडी और अस्थायी पासवर्ड के रूप में GSTIN नंबर का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं जिसे आप पहले लॉग इन के बाद रीसेट कर सकते हैं.

जीएसटी के तहत पंजीकरण के लिए लागू शुल्क क्या है?

व्यवसाय जीएसटीआईन या जीएसटी नंबर के लिए पंजीकरण कर सकते हैं और जीएसटी पंजीकरण संख्या निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

अंत में, जीएसटी नंबर कैसे लें, यह देश भर के व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है। जीएसटी नंबर कैसे प्राप्त करें, इसके बारे में अधिक जानकारी। www.gst.gov.in पर उपलब्ध है।

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